प्लेटलेट्स कम होने के क्या लक्षण होते हैं?HealthPlanet

Posted on Tue 29th Nov 2022 : 13:46

प्लेटलेट काउंट कम होने के लक्षण: शरीर में प्लेटलेट्स कम होने पर दिख सकते हैं ये 11 लक्षण
हमारे शरीर में तीन तरह के ब्लड सेल्स लाल रक्त कोशिकाएं, व्हाइट ब्लड सेल्स और प्लेटलेट्स मौजूद होते हैं। यह ब्लड कोशिकाएं प्लाज्मा नामक द्रव में तैरती हैं। शरीर में जब कहीं चोट या फिर कट लगती है, तो प्लेटलेट्स की कोशिकाएं ब्लड को थक्के के रूप में परिवर्तित कर देती है, जिससे ब्लीडिंग रूक जाती है। ऐसे में हमारे शरीर में पर्याप्त रूप से प्लेटलेट्स रहना जरूरी होता है। अगर प्लेटलेट की संख्या में कमी हो जाए, तो ब्लड के थक्के नहीं बनते हैं। यह एक गंभीर स्थिति हो सकती है।

डेंगू होने पर शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या कम हो जाती है, लेकिन क्या आज जानते हैं कि डेंगू के अलावा कई अन्य गंभीर बीमारियों की वजह से भी शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या कम हो सकती है। ऐसे में शरीर में प्लेटलेट्स कम होने के लक्षणों को पहचानना बहुत ही जरूरी होता है। ताकि समय पर इन गंभीर बीमारियों का इलाज हो सके। आज हम इस लेख में प्लेटलेट्स की कमी से शरीर में दिखने वाले लक्षणों के बारे में जानेंगे।
प्लेटलेट संख्या कम होने के कारण

डेंगू के अलावा शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या कम होने कई अन्य कारण हो सकते हैं। जैसे- ब्लड में बैक्टीरिया संक्रमण, अस्थि मज्जा की परेशानी, हाइपरसप्लेनिज्म इत्यादि हो सकते हैं।

अस्थि मज्जा की परेशानी
प्लेटलेट्स नष्ट होने पर शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या कम हो सकती है।
ब्लड में बैक्टीरियल संक्रमण
आईडियोपैथिक थ्रोम्बोसाइटोपेनिक पुरपुरा (Idiopathic thrombocytopenic purpura ) - यह एक गंभीर स्थिति है, जिसमें कहीं भी खरोंच लगने पर शरीर से काफी मात्रा में ब्लड निकलने लगता है।
हीमोलाइटिक यूरीमिक सिंड्रोम (Hemolytic uremic syndrome)
इंट्रावस्कुलर कोयग्यूलेशन (Disseminated intravascular coagulation)
हाइपरसप्लेनिज्म (Hypersplenism)
स्वप्रतिरक्षित रोग (Autoimmune disorder)
कीमोथेरेपी लगाने वालों को

प्लेटलेट संख्या कम होने के लक्षण
कुछ सामान्य स्थितियों में शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या कम हो सकती है। लेकिन कई ऐसे गंभीर मामले हैं, जिसकी वजह से शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या कम हो सकती है। ऐसे में समय पर लो प्लेटलेट काउंट के लक्षणों की पहचान करनी चाहिए। ताकि गंभीर स्थिति से बचा जा सके। आइए जानते हैं इसके कुछ लक्षणों के बारे में-

सामान्य से अधिक खरोंच, या खरोंच काफी गंभीर हो जाना।
स्किन पर नीले रंग के छोटे-छोटे लाल और बैंगनी रंग के निशान होना।
नाक और मसूड़ों से काफी ज्यादा खून आना
मल त्यागने के दौरान मल का रंग काला और खूनी जैसा दिखना।
लाल या गुलाबी रंग का यूरिन निकलना
खून के साथ उल्टी आना।
पीरियड्स के दौरान महिलाओं को असामान्य रूप से ब्लीडिंग होना।
गंभीर रूप से सिरदर्द की परेशानी होना।
मांसपेशियों या जोड़ों में दर्द बने रहना।
कमजोरी या चक्कर जैसा महसूस होना
लंबे समय तक घावों से खून बहना या खून का निकलना बंद न होना।

गंभीर लक्षण

शरीर में प्लेटलेट की संख्या कम होने पर आपको कई लक्षण दिख सकते हैं। लेकिन अगर आपके मूत्र से खून आना, मल में ब्लड आना और गहरे रंग की लाल उल्टी होना जैसे लक्षण दिख रहे हैं, तो इस स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। ताकि इसके जोखिमों से बचा जा सके।

कुछ लोगों को आंतरिक रूप से भी ब्लीडिंग हो सकती है। इस स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क की आवश्यकता होती है। आंतरिक रूप से ब्लीडिंग होने पर सिर में तेज दर्द और तंत्रिका संबंधी परेशानी दिख सकती है।

शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या कम होने पर आपको सिरदर्द, हैवी ब्लीडिंग, कमजोरी जैसे लक्षण दिख सकते हैं। इन लक्षणों को पहचानकर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। ताकि गंभीर स्थितियों से बचा जा सके।

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